कोलकाता में भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मतगणना प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिंगला और दासपुर विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना के लिए संविदा और अस्थायी कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।

सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि क्या लोकतंत्र का भविष्य अब संविदा कर्मचारियों के भरोसे छोड़ा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 227-पिंगला और 230-दासपुर विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना कार्यों के लिए बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारियों को लगाया गया है।

भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि ईवीएम, वीवीपैट और डाक मतपत्रों जैसी संवेदनशील प्रक्रिया की जिम्मेदारी जीविका सेवकों, सहायकों और संविदा कर्मियों को कैसे दी जा सकती है। उनके अनुसार ऐसे पद राजनीतिक दबाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं, जिससे पारदर्शिता पर असर पड़ने की आशंका रहती है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कई संविदा कर्मचारी मतगणना टीमों में शामिल हैं और कुछ मामलों में ईवीएम मूवमेंट व सीलिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी उनकी भूमिका है।

सुवेंदु अधिकारी ने मांग की है कि मतगणना प्रक्रिया में केवल नियमित और स्थायी सरकारी कर्मचारियों को ही शामिल किया जाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव अधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर आदेशों में संशोधन करने की अपील की है।

भाजपा नेता ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि मतगणना पूरी तरह पारदर्शी और स्थायी सरकारी कर्मियों की निगरानी में हो, ताकि किसी भी तरह के पक्षपात या हस्तक्षेप की संभावना न रहे।