नई दिल्ली। बढ़ती उम्र में खुद को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए पतंजलि के संस्थापक योग गुरु स्वामी रामदेव आयुर्वेद और योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर देते हैं। उनका मानना है कि मौसम के अनुसार अपनाए गए आयुर्वेदिक उपाय न केवल शरीर को संतुलित रखते हैं, बल्कि बीमारियों से बचाव में भी सहायक होते हैं। खासकर सर्दियों के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म और मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी होता है।

ठंड के दिनों में केवल ऊनी कपड़े पहनना ही काफी नहीं होता। इस मौसम में सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं तेजी से असर करती हैं। ऐसे में शरीर की आंतरिक गर्मी और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। स्वामी रामदेव ने अपने एक वीडियो संदेश में सर्दियों के दौरान शरीर को प्राकृतिक रूप से गर्म रखने के कई सरल और प्रभावी उपाय बताए हैं।

योग गुरु के अनुसार ये घरेलू नुस्खे न सिर्फ शरीर को ऊष्मा प्रदान करते हैं, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाते हैं। हल्दी, अदरक, शिलाजीत से लेकर योग और प्राणायाम तक, उन्होंने कई आसान उपाय साझा किए हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर यहां सर्दियों में सेहतमंद रहने के 10 महत्वपूर्ण घरेलू उपाय प्रस्तुत हैं।

सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के आसान उपाय

सुबह उठते ही हल्दी और अदरक को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से शरीर को अंदर से गर्माहट मिलती है। यह उपाय कफ और सर्दी-जुकाम से बचाव में भी मददगार माना जाता है।

काली मिर्च और बादाम का सेवन भी ठंड में लाभकारी है। स्वामी रामदेव के अनुसार पांच बादाम और पांच साबुत काली मिर्च चबाकर खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सर्दी-खांसी का खतरा कम होता है।

सर्दियों में हल्दी वाला दूध या गर्म पानी में शहद मिलाकर पीना शरीर को गर्म रखने का पारंपरिक और प्रभावी तरीका है। यह ठंड के प्रभाव को कम करता है।

केसर को भी शरीर में तुरंत गर्मी पहुंचाने वाला माना जाता है। रोजाना एक-दो केसर के धागे मुंह में रखने से जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव हो सकता है।

कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए देसी घी का सेवन फायदेमंद बताया गया है। सुबह के समय थोड़ी मात्रा में घी लेने से शरीर अंदर से मजबूत होता है।

स्वामी रामदेव मिश्री, बादाम और काली मिर्च के मिश्रण को चबाकर खाने की भी सलाह देते हैं। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और ठंड का असर कम महसूस होता है।

गहरी और लंबी सांस लेने की आदत शरीर को प्राकृतिक रूप से गर्म रखने में मदद करती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है।

योग अभ्यास भी सर्दियों में बेहद उपयोगी है। पावर योगा, दंड-बैठक और सूर्य नमस्कार करने से शरीर सक्रिय रहता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

भस्त्रिका प्राणायाम को रोजाना कुछ मिनट करने से फेफड़े मजबूत होते हैं और श्वसन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है।

इसके अलावा कपालभाति और अनुलोम-विलोम प्राणायाम को नियमित दिनचर्या में शामिल करने से सर्दी-जुकाम से बचाव होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। योग गुरु ने गुड़, गोंद के लड्डू और सुबह शंख बजाने को भी लाभकारी बताया है।