मंडला, मध्य प्रदेश – मंडला जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की अचानक मौत से अस्पताल में हड़कंप मच गया। मृतक के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने लापरवाही करते हुए गलत इंजेक्शन लगा दिया। विवाद बढ़ने के कारण अस्पताल प्रशासन को मामले में पुलिस को बुलाना पड़ा।
इलाज के दौरान मरीज की मौत
जानकारी के अनुसार 57 वर्षीय प्रहलाद खरारे को 14 मार्च को मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के समय उनकी हालत स्थिर थी और वह सामान्य रूप से बातचीत कर रहे थे। रविवार रात तक उन्होंने भोजन भी किया। परिजन आरोप लगाते हैं कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने उन्हें एक इंजेक्शन लगाया। केवल पांच मिनट के अंदर ही प्रहलाद की मौत हो गई, जिसके बाद गुस्साए परिजन अस्पताल के वार्ड में हंगामा करने लगे।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया
विवाद बढ़ते देख अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. हेमेंद्र सिंह चौहान ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मरीज क्रोनिक लीवर डिजीज (CLD) और अल्टर्ड सेंसोरियम जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। डॉक्टर ने बताया कि मरीज की हालत काफी गंभीर थी और उन्हें पहले ही जबलपुर रेफर करने की सलाह दी गई थी।
डॉ. चौहान ने कहा कि परिजनों ने मरीज को बाहर ले जाने से मना कर दिया था और अस्पताल में ही इलाज जारी रखने की मांग की थी।
पोस्टमार्टम और जांच जारी
कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण का पता चल सकेगा। मामले की जांच जारी है।