राजस्थान के नीमका थाना क्षेत्र के गांव सिरोही निवासी 21 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के पहलवान अजय लांबा की तबीयत गंभीर बनी हुई है। आरोप है कि हल्के बुखार के दौरान फार्मेसी संचालक ने अजय को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। घटना के तीन दिन बाद पहलवान को होश आया, लेकिन छह दिन गुजरने के बाद भी वह बोलने में असमर्थ हैं।
पुलिस ने अजय के भाई विजय लांबा की शिकायत पर फार्मासिस्ट के खिलाफ जल्दबाजी व लापरवाही से किसी का जीवन खतरे में डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुई घटना
जानकारी के अनुसार, अजय लांबा राजस्थान के राष्ट्रीय स्तर के कुश्ती पहलवान हैं। उन्होंने तीन बार जूनियर और दो बार सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया है। पिछले डेढ़ साल से वह रोहतक के मेहर सिंह अखाड़े में अभ्यास कर रहे हैं।
11 मार्च को उन्हें हल्का बुखार और शरीर में दर्द हुआ। उनके दोस्त अनुज ने उन्हें हेल्थ कार्नर फार्मेसी ले जाया, जहां फार्मेसी संचालक ने उन्हें एट्रैक्यूरियम बेसिलेट इंजेक्शन लगा दिया। यह इंजेक्शन सामान्यत: केवल ऑपरेशन के दौरान एनेस्थेटिस्ट या प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा दिया जाता है।
पहलवान की हालत
इंजेक्शन लगने के बाद अजय बेहोश हो गए। उन्हें पहले पीजीआई में भर्ती कराया गया और फिर अस्पताल में इलाज शुरू हुआ। तीन दिन बाद उन्होंने आंखें खोलीं, लेकिन छह दिन गुजरने के बावजूद बोलने की स्थिति में नहीं हैं। डॉक्टरों ने उन्हें अनफिट घोषित कर दिया है।
पुलिस की कार्रवाई
अजय के भाई विजय का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क किया, जिनके अनुसार इस इंजेक्शन के गलत इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर कम होना, त्वचा का फड़कना और घबराहट जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। पुलिस ने फार्मेसी संचालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 125बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।