ईरान के साथ बढ़ते तनाव के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन की प्रस्तावित यात्रा में देरी हो सकती है। हालांकि, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि यात्रा में किसी भी तरह का बदलाव होर्मुज जलडमरूमध्य या ईरान संकट को लेकर दबाव बनाने के कारण नहीं होगा।

अमेरिकी वित्त मंत्री का बयान

बेसेंट ने कहा कि अगर यात्रा को किसी कारण से टाला या दोबारा तय किया जाता है, तो इसका कारण केवल लॉजिस्टिक होगा। राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध के संबंध में रणनीतिक फैसले लेने के लिए वॉशिंगटन डीसी में रहना चाहते हैं, इसलिए इस समय विदेश यात्रा करना व्यावहारिक नहीं होगा।

ट्रंप की चीन यात्रा पर प्रभाव

राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि महीने के अंत में प्रस्तावित चीन यात्रा को स्थगित किया जा सकता है। उनका मकसद चीन पर दबाव बढ़ाना है ताकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने में अमेरिका का समर्थन करे और ईरान संकट के कारण बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करने में मदद करे।

चीन पर ट्रंप का जोर

ट्रंप ने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि पश्चिम एशिया के तेल पर चीन की निर्भरता है, इसलिए चीन को उस गठबंधन का समर्थन करना चाहिए, जिसे अमेरिका ने बनाया है। यह गठबंधन ईरान की धमकियों के कारण रुकी तेल टैंकरों की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए काम करेगा।

उन्होंने कहा कि यात्रा से पहले यह देखा जाएगा कि बीजिंग इस प्रयास में कितनी मदद करेगा। अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका यात्रा को टाल भी सकता है।