विशाखापत्तनम नाव हादसा: लापता मछुआरों की तलाश खत्म, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

HIGHLIGHTS
- विशाखापत्तनम तट के पास नाव हादसे में लापता छह मछुआरों की तलाश चार दिन बाद बंद कर दी गई।
- नौसेना और कोस्ट गार्ड के संयुक्त सर्च ऑपरेशन में कोई सुराग नहीं मिलने पर मछुआरों को मृत मान लिया गया है।
- आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रभावित छह परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट के पास नाव हादसे के बाद लापता हुए मछुआरों की तलाश में चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। कई दिनों तक समुद्र में व्यापक खोजबीन के बावजूद कोई सफलता नहीं मिलने पर अधिकारियों ने मछुआरों के जीवित मिलने की संभावना बेहद कम बताई है।
भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) ने संयुक्त रूप से चार दिनों तक समुद्र में खोज अभियान चलाया। इस दौरान जहाजों और हेलीकॉप्टरों की मदद से बड़े क्षेत्र में तलाश की गई, लेकिन लापता लोगों का कोई पता नहीं चल सका।
नाव पलटने के बाद हुए थे लापता
जानकारी के अनुसार, विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के सात मछुआरे 1 जुलाई को मछली पकड़ने के लिए विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से समुद्र में निकले थे। वापसी के दौरान उनकी नाव में तकनीकी खराबी आने के बाद वह समुद्र में पलट गई।
हादसे के बाद सभी मछुआरे लापता हो गए थे। इनमें से एक मछुआरे को एक व्यापारी जहाज के चालक दल ने बचा लिया था, जो बाद में सुरक्षित तट पर पहुंच गया। उसी से हादसे की जानकारी मिली थी।
72 घंटे से अधिक चली खोज, नहीं मिला कोई सुराग
कोस्ट गार्ड ने दो जहाजों और दो हेलीकॉप्टरों की मदद से लगातार खोज अभियान चलाया। मंगलवार देर रात तक चले ऑपरेशन में समुद्र के विभिन्न हिस्सों की जांच की गई, लेकिन बाकी छह मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला।
अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय तक तलाश के बावजूद कोई जानकारी न मिलने के कारण अब उनके जीवित होने की संभावना नहीं मानी जा रही है।
परिजनों को मिलेगी आर्थिक सहायता
आंध्र प्रदेश सरकार ने हादसे में लापता छह मछुआरों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राज्य के मंत्री कोल्लू रवींद्र ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।





















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