आसिम मुनीर की 'गीदड़ भभकी' में साजिश की आहट: एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त

HIGHLIGHTS
- पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर के सिंधु जल संधि वाले बयान के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
- संभावित घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
- सांबा, कठुआ, शोपियां, राजौरी और डोडा समेत कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों ने तलाशी और निगरानी अभियान तेज कर दिए हैं।
नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी तनाव और अंदरूनी विरोध के बीच पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बयान के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय में हुई कोर कमांडर्स बैठक में मुनीर ने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान इस मामले को हर मंच पर उठाएगा।
सुरक्षा एजेंसियां इस बयान को सीमा पर दबाव बढ़ाने और जम्मू-कश्मीर से सटे इलाकों में घुसपैठ की कोशिशों से जोड़कर देख रही हैं। एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान आंतरिक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए सीमा क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास कर सकता है।
एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ी निगरानी
संभावित खतरे को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। सांबा और कठुआ सेक्टर में सुरंगों के जरिए घुसपैठ की आशंका को देखते हुए एंटी-टनल ऑपरेशन और तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई है।
सांबा-कठुआ सेक्टर पर विशेष नजर
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अब तक सामने आए अधिकतर सुरंग मामलों का संबंध जम्मू, सांबा और कठुआ सेक्टर से रहा है। आशंका जताई जाती रही है कि इन सुरंगों का इस्तेमाल आतंकियों की घुसपैठ, हथियारों की आपूर्ति और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए किया जाता है।
इसी वजह से सीमा के उन हिस्सों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां से अतीत में ऐसी गतिविधियों के संकेत मिले हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया- आतंक को हथियार की तरह इस्तेमाल करता रहा है पाकिस्तान
सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह जमवाल का कहना है कि पाकिस्तान की सेना लंबे समय से आतंकवाद को अपनी रणनीति का हिस्सा बनाती रही है। हालांकि, मौजूदा समय में भारतीय सुरक्षा तंत्र पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत और सक्रिय है।
उनके अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से होने वाली हर संदिग्ध गतिविधि, आतंकी नेटवर्क और घुसपैठ के प्रयासों पर नजर बनाए हुए हैं। आधुनिक तकनीक और बेहतर तालमेल के कारण ऐसी कोशिशों को रोकने की क्षमता बढ़ी है।
कई इलाकों में संयुक्त अभियान जारी
खुफिया सूचनाओं के आधार पर जम्मू-कश्मीर में सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने कई क्षेत्रों में संयुक्त तलाशी अभियान तेज किए हैं।
शोपियां, राजौरी और डोडा समेत कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं। शोपियां में आतंकी गतिविधियों से जुड़े इनपुट के बाद अभियान चलाया गया, जबकि राजौरी क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद निगरानी बढ़ाई गई है।
एलओसी से जुड़े नदी-नालों और दुर्गम रास्तों पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है, ताकि घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.