पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अधिकांश नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में बढ़त हासिल की है। राज्यभर में कुल 1977 वार्डों के लिए हुए मतदान के नतीजों में सत्तारूढ़ दल को स्पष्ट जनसमर्थन मिला, जबकि कुछ क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सबसे बड़ी चर्चा अबोहर नगर निगम की रही, जहां भाजपा ने बहुमत हासिल कर राजनीतिक हलकों को चौंका दिया।
अबोहर नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 50 में से 28 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। यहां पार्टी की जीत को सुनील जाखड़ और विधायक संदीप जाखड़ के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी को 20 सीटों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस सिर्फ एक वार्ड तक सीमित रही। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। भाजपा समर्थकों ने जीत के बाद शहर में जश्न मनाया।
बरनाला नगर निगम में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 में से 36 सीटों पर कब्जा जमाया। भाजपा को 7 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को केवल 2 वार्डों में जीत मिली। पांच वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार सफल रहे। शिरोमणि अकाली दल यहां खाता तक नहीं खोल सका।
बटाला नगर निगम में भी आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाते हुए 50 में से 30 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस ने 18 सीटें जीतीं और भाजपा को 2 सीटों पर सफलता मिली। अकाली दल यहां भी कोई सीट नहीं जीत पाया। परिणामों के बाद आप कार्यकर्ताओं ने शहर में विजय जुलूस निकाले।
पठानकोट नगर निगम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा ने 23 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 18 और आम आदमी पार्टी को 9 सीटें मिलीं। इस परिणाम को भाजपा के लिए अहम राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस ने दमदार वापसी करते हुए 50 में से 31 सीटों पर जीत दर्ज की। आम आदमी पार्टी को 10 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा और अकाली दल को तीन-तीन सीटों पर जीत मिली। तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
मोगा नगर निगम में आम आदमी पार्टी ने 31 सीटों पर जीत हासिल कर निगम पर मजबूत पकड़ बना ली। कांग्रेस को 7 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा और अकाली दल तीन-तीन वार्डों तक सीमित रहे। छह सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। कोट ई शेखा नगर पंचायत में भी आप ने 13 में से 12 सीटें जीतकर दबदबा कायम रखा।
बठिंडा नगर निगम चुनाव में भी आम आदमी पार्टी को बड़ी सफलता मिली। पहली बार नगर निगम में पार्टी स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में आती नजर आ रही है। परिणाम आने के बाद कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी कर जश्न मनाया।
मोहाली नगर निगम में आम आदमी पार्टी को बढ़त मिली, हालांकि कई वार्डों में कांटे की टक्कर देखने को मिली। वार्ड नंबर-47 में आप उम्मीदवार परमिंदर कौर ने केवल एक वोट से जीत दर्ज की। वहीं भाजपा और कांग्रेस ने भी कुछ वार्डों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
नगर पंचायत चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 246 में से 105 सीटों पर जीत हासिल की। शिरोमणि अकाली दल को 46 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस 26 सीटों तक सीमित रही। 48 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार सफल रहे। भाजपा यहां कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सकी।
नगर परिषद चुनावों में भी आम आदमी पार्टी सबसे आगे रही। 1331 सीटों में से पार्टी ने 630 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 263, अकाली दल को 100 और भाजपा को 97 सीटें मिलीं। कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की।
इधर, तपा नगर काउंसिल चुनाव के बाद हिंसा की घटना भी सामने आई। वार्ड नंबर-8 में चुनावी रंजिश के चलते एक महिला को कथित रूप से स्कॉर्पियो वाहन से कुचलने का आरोप लगा है। गंभीर रूप से घायल महिला को पहले बरनाला और बाद में बठिंडा एम्स रेफर किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
इन चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया है कि पंजाब की शहरी राजनीति में आम आदमी पार्टी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।