भारतीय फुटबॉल प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने शनिवार को अपना नाम बदलने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। नई दिल्ली में आयोजित विशेष आमसभा (SGM) की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि महासंघ का नाम बदलकर ‘फुटबॉल फेडरेशन ऑफ भारत (FFB)’ किया जाए। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए खेल मंत्रालय और उसके बाद फीफा के पास भेजा जाएगा।
एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने जानकारी दी कि यह बदलाव अभी प्रारंभिक चरण में है और इसे लागू करने के लिए कई स्तरों पर मंजूरी जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि पहले खेल मंत्रालय से अनुमति ली जाएगी और उसके बाद इसे महासभा में औपचारिक रूप से पारित कर फीफा को भेजा जाएगा।
चौबे ने स्पष्ट किया कि अगर मंत्रालय इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देता तो प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। वहीं मंजूरी मिलने के बाद ही इसे अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई देशों के फुटबॉल संघ पहले ही अपने नाम में बदलाव कर चुके हैं और भारत भी उसी दिशा में एक शुरुआत कर रहा है।
इसी बैठक में राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम (NSGA) 2025 को लागू करने के फैसले को आगे बढ़ाते हुए एआईएफएफ संविधान में बदलाव की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, हाल ही में खेल मंत्रालय के साथ हुई बातचीत के बाद इंडियन सुपर लीग (ISL) को दो साल तक क्लब-आधारित मॉडल पर जारी रखने पर भी सहमति बनी थी।
जनरल बॉडी ने 4 सितंबर से ISL के नए सीजन की शुरुआत को मंजूरी दे दी है। हालांकि, पूरे टूर्नामेंट का विस्तृत शेड्यूल अभी प्रबंधन समिति तय करेगी। अनुमान है कि आगामी सीजन लगभग सात महीने तक चलेगा, जिसमें 14 टीमें घरेलू और बाहरी मैदानों पर मुकाबले खेलेंगी।
आईएसएल के ढांचे को लेकर अंतिम निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है और इसे प्रबंधन समिति पर छोड़ दिया गया है। इस समिति में क्लब प्रतिनिधि, महासंघ अधिकारी और कमर्शियल पार्टनर्स शामिल हैं। एआईएफएफ ने कहा है कि सभी पक्षों के साथ चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा और फिर इसे कार्यकारी समिति के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।