बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना स्थित लोक भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने औपचारिक रूप से बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया।

इस राजनीतिक घटनाक्रम से पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद एनडीए खेमे में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हुई और भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया।

शपथ ग्रहण समारोह में कई दिग्गज नेता शामिल

शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इनमें जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), उपेंद्र कुशवाहा सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस मौके पर बिहार के राजनीतिक गठबंधन के कई सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री

नई सरकार में जनता दल (यूनाइटेड) के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं। विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसे राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और बदलाव

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुज़रा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत आरजेडी से की थी और बाद में विभिन्न राजनीतिक दलों में रहते हुए भाजपा तक पहुंचे।

वहीं, उपमुख्यमंत्री बने नेताओं का भी लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। विजय कुमार चौधरी ने कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में जेडीयू में शामिल होकर नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी बने। दूसरी ओर, विजेंद्र प्रसाद यादव ने 1990 के दशक में जनता दल से राजनीति शुरू की और बाद में जेडीयू का हिस्सा बने रहे।

नीतीश कुमार का नया राजनीतिक अध्याय

नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति में एक लंबा कार्यकाल पूरा करने के बाद राज्यसभा में प्रवेश किया है। वे अब चारों प्रमुख विधायी सदनों—विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—के सदस्य रह चुके नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जो उन्हें भारतीय राजनीति में एक अनूठा स्थान देता है।