लोक गायिका देवी के द्वारा इश्वर अल्लाह तेरो नाम पर अब विवाद गहराने लगा है। इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भाजपा पर महिला का अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संघियों और भाजपाइयों को “जय सियाराम, जय सीताराम” के नाम एवं नारे से शुरू ही नफरत है, क्योंकि उसमें माता सीता की जयकारा है। लालू प्रसाद यादव ने कहा कि ये लोग (भाजपा) शुरू से ही महिला विरोधी हैं और “जय श्री राम’ के नारे के साथ आधी आबादी महिलाओं का भी अपमान करते हैं। लालू प्रसाद यादव ने आगे कहा कि गायिका देवी ने कल कार्यक्रम में बापू के नाम पर निर्मित सभागार में बापू का भजन गाकर उसने “सीताराम” बोल दिया तो **** भाजपाइयों ने माइक पर उससे माफ़ी मंगवाई तथा माता सीता के जय सीताराम की बजाय जय श्रीराम के नारे लगवाए। उन्होंने कहा कि ये संघी “सीता माता” सहित महिलाओं का अपमान क्यों करते है?
'ईश्वर अलाल्ह तेरो नाम' पर गहराई राजनीति
बुधवार को पटना के गर्दनीबाग़ स्थित अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बापू सभागार में अटल जयंती मनाया जा रहा था। अटल विचार मंच की तरफ से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। उस कार्यक्रम में बिहार की लोक गायिका देवी को अपनी प्रस्तुति करने के लिए आमंत्रित किया गया था। देवी ने महात्मा गाँधी के भजन 'रघुपति राघव राजाराम' को गाना शुरू किया, तभी भाजपा नेता अश्वनी चौबे मंच पर आये और फिर उनसे माफ़ी मांगने को कहा। हालांकि लोक गायिका देवी ने भरे मंच से माफ़ी भी मांगी। उन्होंने माफ़ी मांगते हुए कहा कि अगर आप हर्ट हुए तो मैं सॉरी कहना चाहती हूं। फिर एक भाजपा कार्यकर्ता ने माइक को लेते हुए देवी को कहा -हटिये। फिर अश्वनी चौबे ने जय श्री राम के नारे भी लगाये। इसी मामले को लेकर लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं के खिलाफ तंज कसते हुए लिखा है कि संघी “सीता माता” सहित महिलाओं का अपमान क्यों करते है? उन्होंने कहा कि भाजपा नेता ने 'ईश्वर अल्लाह तेरो नाम' वाक्यांश पर आपत्ति जताते हुए लोक गायिका देवी से मांगने को कहा है।