दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में लगभग 30 छात्रों के निलंबन के बाद परिसर में तनाव का माहौल बन गया है। निलंबित छात्रों में छात्रसंघ के चार पदाधिकारी भी शामिल हैं। इसके विरोध में छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए।

कॉलेज प्रशासन का आरोप है कि संबंधित छात्रों ने सोशल मीडिया पर संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां कीं और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। निलंबन के बाद से कॉलेज परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

प्राचार्य ने क्या कहा?

हंसराज कॉलेज की प्राचार्य रमा शर्मा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रसंघ फेस्ट से पहले माहौल को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई थी। उनके अनुसार, मौजूदा छात्र राजनीति में आपसी टकराव की स्थिति देखने को मिल रही थी, जो आगे चलकर और गंभीर हो सकती थी।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का यह विरोध किसी वास्तविक समस्या पर आधारित नहीं था। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, कुछ छात्रों ने देर रात करीब 20 घंटे तक प्रदर्शन किया और इस दौरान यह अफवाह फैलाई कि कॉलेज फेस्ट रद्द कर दिया गया है और कलाकारों को अनुमति नहीं दी जा रही है।

अफवाहों से बिगड़ी स्थिति

प्राचार्य का कहना है कि इन अफवाहों के चलते कॉलेज में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और प्रशासन को हालात संभालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए एक अनुशासन समिति का गठन किया गया है, जो मामले की जांच कर रही है।

फिलहाल कॉलेज परिसर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ है।