बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। मुख्यमंत्री पद संभालने के लगभग छह दिन बाद यह उनकी पहली औपचारिक भेंट रही, जिसे राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री से राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन और सहयोग बिहार के विकास कार्यों को नई गति और दिशा देगा।

दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री बिहार भवन भी पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। इससे पहले वे भाजपा मुख्यालय गए और वरिष्ठ नेता नितिन नवीन से भी संक्षिप्त मुलाकात की।

मंत्रिमंडल विस्तार पर मंथन तेज

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में बिहार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्रियों के नामों की सूची पर अंतिम सहमति बनाने को लेकर विचार-विमर्श जारी है। राजनीतिक हलकों में इसे जल्द होने वाले कैबिनेट विस्तार की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि जेडीयू कोटे से नामों की सूची पहले ही पार्टी नेतृत्व की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपी जा चुकी है। वहीं चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के कोटे से अधिकांश मौजूदा नामों को दोहराए जाने की संभावना है। हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की भूमिका को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिसके चलते फाइल फिलहाल शीर्ष नेतृत्व के पास लंबित है।

पदभार संभालने के बाद लगातार सक्रिय

15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से सम्राट चौधरी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए हैं और जनता दरबार लगाकर लोगों की शिकायतें भी सुनी हैं।

इसके अलावा वे विपक्ष पर भी हमलावर रहे हैं और हाल ही में नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर विपक्षी दलों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। 20 अप्रैल को वे महिला मोर्चा द्वारा निकाले गए आक्रोश मार्च में भी शामिल हुए थे।