झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित कराने की मांग की है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आयोग को पत्र लिखकर केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया कराने की अपील की है।
JMM ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि राज्यसभा चुनाव में स्पष्ट संख्या बल न होने के बावजूद भाजपा नेताओं की ओर से लगातार उम्मीदवार उतारने और जीत के दावे किए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल प्रभावित हो सकता है। पार्टी का कहना है कि इससे विधायकों पर दबाव बनाने की आशंका भी पैदा होती है।
पार्टी ने आशंका जताई है कि चुनाव के दौरान विधायकों को धनबल, भय या केंद्रीय एजेंसियों के प्रभाव के जरिए प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। इसी वजह से JMM ने चुनाव आयोग से मांग की है कि सीबीआई, ईडी, आईबी और एसीबी जैसी एजेंसियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रह सके।
JMM का दावा है कि उसके नेतृत्व वाले गठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है, जबकि एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है। पार्टी का कहना है कि इस स्थिति में गठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने की मजबूत स्थिति में है।
इसी बीच भाजपा ने भी राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। भाजपा की राज्य चुनाव समिति की बैठक के बाद प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने कहा कि पार्टी केवल औपचारिक भागीदारी के लिए नहीं, बल्कि जीत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतर रही है। उन्होंने दावा किया कि 81 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी को आवश्यक 28 वोटों का समर्थन हासिल हो जाएगा।