यूपी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश में उत्पन्न बिजली आपूर्ति दबाव को लेकर विस्तार से कारणों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी के चलते कई थर्मल पावर प्लांट्स को अचानक शटडाउन लेना पड़ा, जिसका सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में जहां पीक ऑवर्स में बिजली की मांग 15-16 हजार मेगावाट तक रहती थी, वहीं आज यह बढ़कर 32-33 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है।

सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जिन लोगों द्वारा बिजली संकट की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उन्हीं के शासनकाल में हालात ऐसे थे जब लोगों को नियमित बिजली आपूर्ति भी नहीं मिलती थी और कई जगह बिजली के तारों पर कपड़े सुखाए जाते थे। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस तरह की भ्रामक बातों पर ध्यान न दें।

मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां महापौर सुषमा खर्कवाल के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर शहर के विकास कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सीएम ने 413 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 342 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया।

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऊर्जा संकट आज केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। कई देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, यहां तक कि अमेरिका जैसे ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध देश में भी ईंधन महंगा हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन पर असर के चलते महंगाई बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे नियंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देश का साथ देने के बजाय उसे कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।

कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने अपने तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियां साझा कीं, जबकि नगर विकास मंत्री एके शर्मा और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शहर के विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।