देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में इस साल अप्रैल के महीने में ही भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को तापमान तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4.2 डिग्री अधिक है। इसके साथ ही यह इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन भी बन गया।
दिन के साथ-साथ रातें भी काफी गर्म हो गई हैं। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 1.8 डिग्री ज्यादा रहा। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को दिन और रात दोनों समय राहत नहीं मिल रही है।
पिछले वर्षों में अप्रैल का तापमान
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023 में 15 से 18 अप्रैल के बीच लगातार चार दिनों तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया था। वहीं 2024 में 26 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री रहा था। 2025 में भी अप्रैल की शुरुआत में ही तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था और 26 अप्रैल को यह 42.1 डिग्री तक दर्ज किया गया था।
कई इलाकों में 42 से 43 डिग्री के पार
इससे पहले गुरुवार को भी दिल्ली में तापमान 41.7 डिग्री दर्ज किया गया था। शुक्रवार को राजधानी के कई इलाकों में तापमान इससे भी अधिक रहा। रिज इलाके में 43.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई, जबकि आयानगर में 42.5 डिग्री, पालम में 42 डिग्री और लोधी रोड में 41.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया और कई स्थानों पर लू जैसी स्थिति महसूस की गई।
मौसम विभाग ने 24 और 25 अप्रैल के लिए पहले ही लू को लेकर यलो अलर्ट जारी किया हुआ है।
इन राज्यों में भी लू की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक लू चलने की संभावना है। रात का तापमान भी अधिक रहने से लोगों को राहत मिलना मुश्किल हो रहा है।
28 अप्रैल से मिल सकती है राहत
मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 से 27 अप्रैल के बीच दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस दौरान गर्म हवाओं के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हालांकि 27 अप्रैल के आसपास हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है, जिससे मौसम में बदलाव हो सकता है।
28 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में कुछ गिरावट आने की उम्मीद है। उस दिन अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री और न्यूनतम 26 से 28 डिग्री के बीच रह सकता है। 29 अप्रैल को तापमान 39 से 41 डिग्री और 30 अप्रैल को 38 से 40 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
हीट वेव से निपटने की तैयारी
राजधानी में बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को हीट वेव एक्शन प्लान 2026 की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक हीट वेव से होने वाली मौतों को शून्य तक लाना है। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में विशेष इंतजाम
दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध हों और एम्बुलेंस में जरूरी उपचार सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। राजधानी के 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं, जहां हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत इलाज मिल सकेगा।
इसके अलावा 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, आइस पैक और जरूरी दवाओं का स्टॉक रखा गया है। 174 मेडिकल अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं को गर्मी से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 330 एम्बुलेंस को आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।
सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था
सरकार ने बस स्टैंड, पुलिस स्टेशन, डाकघर, अटल कैंटीन और निर्माण स्थलों सहित सार्वजनिक स्थानों पर साफ पेयजल और ओआरएस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शहर में वाटर कूलर, वाटर एटीएम और टैंकरों की व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा गया है। दिल्ली पुलिस ने अब तक 11,000 से अधिक एयर कूलर और करीब 1,900 वाटर कूलर लगाए हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस लोगों को ओआरएस पैकेट वितरित कर रही है।
स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ सिस्टम
स्कूलों में बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ‘वॉटर बेल’ सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्र नियमित रूप से पानी पी सकें। जरूरत पड़ने पर स्कूलों में ओआरएस पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही हीट वेव से बचाव को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार ने विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों और खुले में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। इसके तहत दोपहर के सबसे गर्म समय में काम से बचने, पर्याप्त आराम, छाया और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।