दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सत्यापन अभियान के तहत 7 लाख 71 हजार से अधिक अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए हैं।

अपात्र लाभार्थियों की पहचान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि हाल ही में किए गए ऑडिट में यह सामने आया कि हजारों ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे थे जिनकी आय निर्धारित मानकों से अधिक थी। जांच के बाद लगभग 1 लाख 44 हजार ऐसे मामलों की पहचान हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में अपात्र नामों को सूची से बाहर किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 13 वर्षों से दिल्ली में नए राशन कार्ड जारी नहीं किए गए थे, जिससे कई जरूरतमंद परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

नए राशन कार्ड के लिए आवेदन शुरू

सरकार ने 15 मई से नए राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पूरी व्यवस्था डिजिटल और बायोमेट्रिक आधारित होगी, जिससे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

खाद्य सुरक्षा नियम लागू

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में खाद्य सुरक्षा नियम 2013 को पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इसके तहत नागरिक अपने नजदीकी सुविधा केंद्रों पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और परिवार के सदस्यों का विवरण अनिवार्य किया गया है।

आय सीमा में बदलाव

सरकार ने राशन कार्ड के लिए आय सीमा को बढ़ा दिया है। पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही इसे आगे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये तक करने पर भी विचार किया जा रहा है।

ऑनलाइन आवेदन और निगरानी व्यवस्था

नागरिक edistrict.delhigovt.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिला स्तर की समितियों द्वारा की जाएगी।

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे।