नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालिया घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर हलचल तेज होती नजर आ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर रे के फैसले के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है। इसी बीच टीएमसी के कई सांसदों की दिल्ली में भाजपा नेताओं से मुलाकात ने अटकलों को और हवा दे दी है।
सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी के 14 सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी विशेष तौर पर इस सिलसिले में दिल्ली पहुंचे हैं। बैठक में भाजपा नेता और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही।
उधर, टीएमसी से इस्तीफा देने के बाद सुखेंदु शेखर रे से भी पार्टी के कुछ सांसदों ने मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, बर्दवान पूर्व की सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा से सांसद प्रसून बनर्जी, कूचबिहार के सांसद जगदीश बसुनिया, झाड़ग्राम के सांसद कालिपद सोरेन और बांकुरा के सांसद अरूप चक्रवर्ती ने उनसे बातचीत की।
सुखेंदु शेखर रे ने अपने इस्तीफे के बाद जारी बयान में पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हालिया चुनावी नतीजों ने राज्य में लंबे समय से सत्ता में रही टीएमसी के प्रति जनता के असंतोष को उजागर किया है। रे ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली को मतदाताओं ने नकार दिया है।
दिल्ली में लगातार हो रही राजनीतिक बैठकों और टीएमसी नेताओं के संपर्कों को लेकर राजनीतिक विश्लेषक इसे पश्चिम बंगाल की राजनीति में संभावित बड़े बदलावों के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, इन मुलाकातों को लेकर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।