नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में अब नाम बदलने की बहस एक बार फिर तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की तरह अब राजधानी दिल्ली में भी विधानसभा क्षेत्रों के नाम बदलने की मांग को लेकर सियासी माहौल गर्म होता दिख रहा है। मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र का नाम बदलने का मुद्दा पिछले एक साल से लगातार चर्चा में है।

इस मामले को दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट पहले ही सदन में उठा चुके हैं। अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी संकेत दिए हैं कि मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिव विहार रखने की दिशा में जल्द निर्णय लिया जा सकता है।

शिव विहार नाम पर जोर, CM ने दिया समर्थन

रविवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शिव विहार क्षेत्र में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ और भजन संध्या कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग मुस्तफाबाद का नाम बदलकर “भोले बाबा की नगरी” या “शिव विहार” रखना चाहते हैं और वह इस मांग का समर्थन करेंगी।

सीएम ने यह भी दावा किया कि मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं।

पिछली सरकारों पर साधा निशाना

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में विकास कार्यों में तेजी आई है।

नाम बदलने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज

डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि स्थानीय जनता की भावनाओं के अनुसार विधानसभा क्षेत्र का नाम बदला जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिव विहार रखने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

विकास योजनाओं का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में मुस्तफाबाद क्षेत्र में पीएनजी गैस पाइपलाइन जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने क्षेत्र के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।