मध्य प्रदेश। खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में रविवार को वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों द्वारा जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पिपलोद थाना क्षेत्र की आमा खुजरी बीट के कक्ष क्रमांक 748 में गश्त कर रहे करीब 45 वनकर्मियों के विशेष दल को पहले से घात लगाए लोगों ने घेरकर गोफन, पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया।
हमले में 10 से अधिक वनकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के दौरान महिलाओं द्वारा भी वनकर्मियों से झूमाझटकी और अभद्रता किए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
अचानक हुए हमले से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही वन विभाग की स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड मौके पर पहुंची, झाड़ियों और गड्ढों में छिपे लोगों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद लाठियों और गोफन से हमला किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हमले में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, प्रदीप बघेल और अन्य कर्मचारी घायल हुए हैं।
दो घंटे तक जंगल में फंसे रहे घायल
घायल कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि सूचना देने के बावजूद समय पर मदद नहीं पहुंची। उनका कहना है कि करीब दो घंटे तक वे जंगल में घायल अवस्था में पड़े रहे।
कुछ वनकर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि डायल-112 की टीम ने प्राथमिकता में उन लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जो कथित रूप से हमले के दौरान घायल हुए थे।
पहले से तनावपूर्ण था क्षेत्र
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाल ही में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में तनाव बना हुआ था। इसी पृष्ठभूमि में यह घटना सामने आई है। वर्ष 2025 में भर्ती 45 नए वनरक्षकों को इस क्षेत्र में तैनात किया गया था।
हमलावर झाड़ियों में छिपे थे
घायल वनकर्मी रोमांक नायक ने बताया कि लगभग 150 लोग मौके पर मौजूद थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। सभी लोग झाड़ियों और गड्ढों में छिपे हुए थे और अचानक हमला कर दिया। इस दौरान कुल्हाड़ी से भी वार करने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
डीएसपी अनिल चौहान ने बताया कि वनकर्मियों ने अतिक्रमणकारियों को खेती के लिए वन भूमि तैयार करते हुए देखा था, जिसे रोकने पर विवाद बढ़ा और पथराव शुरू हो गया।
पुलिस ने 8 नामजद और 15 से अधिक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
जिला प्रशासन की तैयारी तेज
घटना के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। सोमवार तड़के वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भारी बल के साथ क्षेत्र में कार्रवाई कर सकती है। इस दौरान जेसीबी मशीनें, ड्रोन और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किए जाने की संभावना है।