राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान करीब 19.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लंबे समय से जूझ रहे वायु प्रदूषण में बड़ी राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुई यह बारिश बीते दो वर्षों में जनवरी महीने की सबसे अधिक वर्षा मानी जा रही है। बीते साल इसी अवधि में केवल 8.3 मिमी पानी बरसा था। मौसम विभाग ने 27 जनवरी के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई गई है।
शनिवार की शुरुआत घने कोहरे और धुंध के साथ हुई। तेज ठंडी हवाओं के कारण सुबह कड़ाके की ठंड महसूस की गई। दोपहर में सूरज निकलने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन शाम होते-होते फिर से सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री और न्यूनतम 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 6.6, आया नगर में 6.0 तथा लोधी रोड और पालम में 6.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
इस सीजन की सबसे साफ हवा, AQI में बड़ी गिरावट
मौसम में बदलाव के साथ हवा की दिशा और रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण में तेजी से कमी आई। शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 192 दर्ज किया गया, जो इस मौसम में अब तक का सबसे कम स्तर है। यह आंकड़ा ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है और शुक्रवार के मुकाबले करीब 90 अंकों की गिरावट दर्शाता है।
एनसीआर के अन्य शहरों की बात करें तो गुरुग्राम में प्रदूषण सबसे अधिक रहा, जहां AQI 225 दर्ज किया गया। फरीदाबाद में 206, गाजियाबाद में 203 और नोएडा में 184 सूचकांक रिकॉर्ड हुआ। वहीं ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे बेहतर रही, जहां AQI 170 दर्ज किया गया।
प्रदूषण के प्रमुख स्रोत
दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान वाहनों का रहा, जिसकी हिस्सेदारी 15.16 प्रतिशत रही। इसके बाद पेरिफेरल उद्योगों से 12.52 प्रतिशत, आवासीय क्षेत्रों से 4.02 प्रतिशत, निर्माण गतिविधियों से 2.05 प्रतिशत और कूड़ा जलाने से 1.52 प्रतिशत प्रदूषण दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, शनिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 12 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली। इस दौरान अधिकतम मिश्रण गहराई करीब 800 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 4000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
शाम पांच बजे पीएम10 का स्तर 164.9 और पीएम2.5 का स्तर 77.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया।