नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू चिब और उनके नौ साथियों को तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया। ये सभी कार्यकर्ता दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई समिट’ के दौरान विरोध प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किए गए थे।

रिहाई के बाद बोले उदय भानू चिब

जेल से बाहर आने के बाद चिब ने अमेरिकी व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताया और कहा कि युवा कांग्रेस देश के किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकार का हिस्सा है। चिब ने इसे “सत्य की जीत” बताया और संगठन की पूरी प्रतिबद्धता व्यक्त की कि किसी भी समझौते के कारण किसानों को नुकसान नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “युवा कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में किसानों की आवाज़ सरकार तक पहुंचाएगी। हम किसानों की आजीविका और भविष्य के लिए खड़े हैं और ऐसे समझौते नहीं होने देंगे जो उनके हितों के विपरीत हों।”

मामला क्या था

20 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान सुरक्षा भंग करने और कथित राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें उदय भानू चिब भी शामिल थे।

चिब को 23 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया और 24 फरवरी को गिरफ्तार कर चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। 28 फरवरी की रात ड्यूटी मजिस्ट्रेट वंशिका मेहता ने उन्हें जमानत दे दी, लेकिन एडिशनल सेशंस जज अमित बंसल ने पुलिस की याचिका पर जमानत पर रोक लगा दी।

इसके बाद चिब ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। 2 मार्च 2026 को न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की एकल पीठ ने सुनवाई के बाद सेशंस कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए चिब और अन्य कार्यकर्ताओं की जमानत को बहाल किया। न्यायमूर्ति ने टिप्पणी की कि सेशंस जज ने जमानत रोकते समय पर्याप्त कारण नहीं बताए थे।