फरीदाबाद। सेक्टर 3, भगत सिंह कॉलोनी के स्क्रैप डीलर हाजी अख्तर की ईमानदारी अब चर्चा का विषय बन गई है। चार महीने तक कबाड़ में पड़े ₹1.5 मिलियन की सोने की ज्वेलरी को उन्होंने उसके मालिक को सही-सलामत लौटा दिया। इस नायाब ईमानदारी की सराहना ACP बल्लभगढ़ जीतेश मल्होत्रा ने भी की।
कबाड़ में छिपा सोना
जनवरी 2025 में LIC एजेंट अशोक शर्मा परिवार के साथ प्रयागराज के महाकुंभ मेले गए। घर खाली होने के कारण चोरी से बचाने के लिए उन्होंने अपनी सारी सोने की ज्वेलरी एक पुराने डिब्बे में रखकर लगभग 100 ग्राम वज़न वाले कबाड़ के बोरे में छिपा दिया। उनका मानना था कि चोर अलमारी देखेंगे, लेकिन कबाड़ की ओर ध्यान नहीं देंगे।
परिवार के लौटने के बाद ज्वेलरी कबाड़ में रह गई। दिवाली की सफाई के दौरान अशोक शर्मा ने घर का कबाड़ हाजी अख्तर के पास बेचने के लिए ले जाया। उसी कबाड़ के बीच ज्वेलरी का डिब्बा भी चला गया।
चार महीने बाद मिली ज्वेलरी
दिवाली पर ज्वेलरी की जरूरत पड़ने पर अशोक शर्मा ने हाजी अख्तर से खोजने की कोशिश की, लेकिन बॉक्स नहीं मिला। निराश होकर उन्होंने उम्मीद छोड़ दी।
हाल ही में, हाजी अख्तर कबाड़ को ट्रक में लोड कर रहे थे, तब उन्होंने एक बॉक्स में कुछ हिलने की आवाज़ सुनी। खोला तो उसमें सोने की ज्वेलरी का डिब्बा मिला। हाजी अख्तर ने तुरंत अशोक शर्मा को कॉल किया और ज्वेलरी मिलने की जानकारी दी।
ईमानदारी की सराहना
ACP जीतेश मल्होत्रा की मौजूदगी में हाजी अख्तर ने ज्वेलरी अशोक शर्मा और उनकी पत्नी को लौटा दी। ACP ने हाजी अख्तर की ईमानदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सभी के लिए प्रेरणा है। हाजी अख्तर ने बताया कि वह 50 साल पहले फरीदाबाद आए थे और मेहनत और ईमानदारी से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।