बाराबंकी। ‘जी राम जी’ योजना की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के जरिए श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का ट्रायल बाराबंकी में सफलतापूर्वक पूरा किया है। 23 फरवरी से यह प्रणाली पूरे देश के कार्यस्थलों पर लागू हो जाएगी और बाराबंकी को देश का रोल मॉडल बनाया जाएगा।
केंद्र सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के तहत यूपी के बाराबंकी जिले में नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) एप से श्रमिकों की हाजिरी लेने की नई तकनीक का परीक्षण किया गया। इसमें श्रमिकों की आंख की पुतली और चेहरे का स्कैनिंग कर उनकी उपस्थिति AI के माध्यम से रिकॉर्ड की गई।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की तकनीकी टीम ने पूरे ट्रायल की निगरानी की। 22 जनवरी 2026 से जिले की 1155 ग्राम पंचायतों में से 1053 पंचायतों में यह प्रणाली लागू की गई। रोजगार सेवक और मेट के मोबाइल में एप अपलोड कर उन्हें ID-पासवर्ड प्रदान किए गए।
कार्यस्थल पर श्रमिक मोबाइल कैमरे के सामने खड़े होकर स्कैन किए गए। चार-पाँच पलकों की झपकी में AI ने फोटो कैप्चर कर मस्टर रोल में दर्ज विवरण से मिलान किया। मेल खाते ही उपस्थिति स्वचालित रूप से दर्ज हो गई। 23 जनवरी से 24 हजार मनरेगा कार्यों में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है।
भ्रष्टाचार पर रोक
इससे पहले मस्टर रोल में 100 श्रमिक दर्ज होते थे, लेकिन केवल 40 लोग काम करते थे, जिससे बाकी 60 श्रमिकों का वेतन गबन हो जाता था। AI तकनीक के माध्यम से अब यह गबन रोका जा सकेगा।
डिप्टी कमिश्नर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बाराबंकी में ट्रायल सफल रहा है और इसका वीडियो तैयार कर कार्यशैली के इनपुट केंद्र को भेजे गए हैं। 23 फरवरी से यह प्रणाली पूरे देश में लागू होगी।