हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सेकेंडरी और मुक्त विद्यालय परीक्षाओं के परिणाम जारी कर दिए हैं। इस बार प्रदेशभर के 16 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में जगह बनाई है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि सेकेंडरी मुक्त विद्यालय (रि-अपीयर) परीक्षा का कुल परिणाम 47.64 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस परीक्षा में 3,957 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 1,885 छात्र सफल रहे। छात्र अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से रोल नंबर, पंजीकरण संख्या या अन्य व्यक्तिगत विवरण भरकर देख सकते हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी तकनीकी दिक्कत की जिम्मेदारी कार्यालय की नहीं होगी।
मेरिट सूची में भिवानी की छात्रा दीपिका ने 499 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर 498 अंक के साथ चार छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई। इनमें चरखी दादरी की रोनक, हिसार की खुशी और अंतु तथा महेंद्रगढ़ के दीपांशु शामिल हैं। वहीं 497 अंक लेकर 11 विद्यार्थियों ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस सूची में सोनीपत, हिसार, फतेहाबाद, कैथल, भिवानी, पानीपत, रोहतक और जींद जिलों के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
बोर्ड ने बताया कि विद्यालय और संस्थान आज शाम से अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए परिणाम डाउनलोड कर सकेंगे। वहीं स्वयंपाठी विद्यार्थियों का परिणाम 70.02 प्रतिशत रहा। इस श्रेणी में 4,556 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 3,190 सफल हुए। नियमित और स्वयंपाठी दोनों वर्गों के छात्र बोर्ड की वेबसाइट पर आवश्यक जानकारी दर्ज कर अपना परिणाम देख सकते हैं।
इसके साथ ही बोर्ड ने सेकेंडरी मुक्त विद्यालय वार्षिक परीक्षा 2026 के फ्रेश, रि-अपीयर, अंक सुधार और अतिरिक्त विषयों के नतीजे भी जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी ऑनलाइन माध्यम से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
नियमित परीक्षार्थियों के परिणाम की बात करें तो इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 89.60 रहा। परीक्षा में 2,76,640 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 2,47,860 छात्र सफल रहे। 6,201 विद्यार्थियों को एसेंशियल रिपीट श्रेणी में रखा गया है, यानी उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी।
इस बार छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। लड़कियों का पास प्रतिशत 91.64 रहा, जबकि लड़कों का परिणाम 87.69 प्रतिशत दर्ज किया गया। यानी छात्राओं ने लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त बनाई। निजी विद्यालयों का परिणाम 92.45 प्रतिशत रहा, जबकि सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 87.23 प्रतिशत दर्ज हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने भी शहरी छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया।
जिलावार प्रदर्शन में चरखी दादरी पहले स्थान पर रहा। इसके बाद जींद और महेंद्रगढ़ का स्थान रहा, जबकि नूंह जिला सबसे नीचे रहा।
हालांकि कुल परिणाम बेहतर रहा, लेकिन पिछले तीन वर्षों के मुकाबले यह 10वीं कक्षा का सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद बड़ी संख्या में छात्रों के वेबसाइट पर लॉगिन करने से बोर्ड की आधिकारिक साइट कुछ समय के लिए ठप हो गई, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।