जालंधर में बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई की रात हुए IED ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों को अहम सफलता मिली है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस साजिश से जुड़े मुख्य संदिग्ध को दिल्ली से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में की गई।

सूत्रों के अनुसार, जांच में इस हमले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी बताया जा रहा है, जो सोशल मीडिया के जरिए पंजाब के युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।

दिल्ली में दबिश देकर गिरफ्तारी

जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध को जालंधर बस स्टैंड से ट्रैक किया गया और लगातार निगरानी के बाद दिल्ली में पकड़ लिया गया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।

पंजाब में बड़े पैमाने पर छापेमारी

इधर, पंजाब पुलिस ने मामले की जांच के तहत कई जिलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। नकोदर, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, तरनतारन और होशियारपुर में देर रात तक छापेमारी की गई। अब तक 17 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिनमें से कई के सोशल मीडिया संपर्क शहजाद भट्टी से जुड़े पाए गए हैं।

नवांशहर से भी तकनीकी इनपुट के आधार पर तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है। पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

धमाके की घटना कैसे हुई थी

यह धमाका 5 मई की शाम करीब 8:15 बजे बीएसएफ मुख्यालय के पास हुआ था, जब एक एक्टिवा स्कूटी में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास दहशत फैल गई।

जांच में सामने आया कि विस्फोट स्थल के पास ही एक संदिग्ध व्यक्ति देखा गया था, जो सफेद टी-शर्ट में था और घटना के बाद फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में वह व्यक्ति एक लिफाफा स्कूटी के पास रखकर तेजी से जाते हुए दिखाई दिया।

डिलीवरी सिस्टम के इस्तेमाल की आशंका

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में डिलीवरी नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। एक डिलीवरी एजेंट सामान पहुंचाने आया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे स्कूटी बाहर खड़ी करनी पड़ी। शुरुआती जांच में यह डिलीवरी बॉय संदिग्ध नहीं पाया गया है।

एजेंसियों को शक है कि हमलावरों ने पहले से रेकी कर रखी थी और विस्फोट को रिमोट से अंजाम दिया गया। अब जांच का फोकस पूरे नेटवर्क और मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर है।