गुरुग्राम। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित विवादित वीडियो मामले में नया मोड़ सामने आया है। गुरुग्राम पुलिस ने इस प्रकरण में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के आरोपों को लेकर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है और दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला फॉरेंसिक जांच से जुड़ा है, जिसकी शिकायत एक विशेषज्ञ ने दी थी। इसके आधार पर डीएलएफ थाना पुलिस ने मंगलवार को केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सिरसा की अग्रसेन कॉलोनी निवासी अरुण महेंद्रू और जींद के खरक नगर निवासी अंकित के रूप में हुई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विवाद उस वीडियो से जुड़ा है जिसे लेकर पहले सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस समय सरकार की ओर से इस वीडियो को फर्जी बताया गया था।

अब आरोप है कि वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए गुरुग्राम स्थित एक लैब से मनचाही फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराई गई। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि इसके लिए करीब 10 लाख रुपये की डील हुई थी।

सूत्रों के अनुसार, यह कथित सौदा गुरुग्राम के सेक्टर-29 क्षेत्र स्थित एक होटल में हुआ था। इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित फर्जी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा क्या किसी सरकारी या पुलिस अधिकारी की भूमिका भी इसमें रही है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले की जांच के दौरान कुछ अन्य नामों और संभावित लिंक की भी पड़ताल की जा रही है, जिनमें पंजाब पुलिस से जुड़े अधिकारियों के नाम सामने आने की चर्चा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।