जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही टोल छूट की मांग को स्वीकार करते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब एक्सप्रेसवे के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों को 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर पूरी तरह टोल फ्री यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

इस पहल के तहत सोमवार को जेवर टोल प्लाजा पर 200 से अधिक किसानों को उनके दस्तावेजों के सत्यापन के बाद विशेष फास्टैग जारी किए गए। टोल प्रबंधन के अनुसार, पुराने फास्टैग से जुड़ी जानकारी को अपडेट कर नए फास्टैग सिस्टम में जोड़ा गया है, ताकि सभी टोल प्वाइंट्स पर किसानों से कोई शुल्क न लिया जाए।

इन फास्टैग के जरिए पात्र किसान अब पूरे एक्सप्रेसवे पर बिना किसी टोल शुल्क के आसानी से आवागमन कर सकेंगे।

एक्सप्रेसवे के सहायक महाप्रबंधक जेके शर्मा ने बताया कि निर्धारित नीति के तहत उन किसानों से दस्तावेज मांगे गए थे, जिनकी जमीन परियोजना में शामिल हुई है। इसमें जेवर बांगर, करौली बांगर, सबोता, भाईपुर ब्राह्मणान, दयानतपुर, जहानगढ़, टप्पल, कृपालपुर, जिकरपुर, सियारौल, रौनीजा, अलावलपुर, कंसेरा, सिमरौठी सहित कई गांवों के किसान शामिल हैं।

जिन किसानों ने आवश्यक दस्तावेज जमा किए और सत्यापन प्रक्रिया पूरी की, उन्हें सोमवार को करीब 200 फ्री फास्टैग जारी किए गए। इससे अब वे एक्सप्रेसवे पर बिना टोल दिए यात्रा कर सकेंगे।

प्रबंधन ने कहा कि स्थानीय किसानों के सहयोग से ही एक्सप्रेसवे का सुचारु संचालन संभव हो सका है, इसलिए उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य किसानों के रोजमर्रा के आवागमन को आसान बनाना है।

टोल प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि जो पात्र किसान अभी तक इस सुविधा से नहीं जुड़े हैं, वे जेवर टोल प्लाजा पर आवश्यक दस्तावेज—जैसे खसरा/नक्शा 11, वाहन की आरसी और वोटर आईडी—जमा कर सकते हैं। सत्यापन के बाद उन्हें भी फ्री फास्टैग जारी कर दिया जाएगा।