कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया के निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ को लेकर की गई कथित टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले के विरोध में सोमवार को अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर्स ने करीब दो घंटे तक पेन डाउन हड़ताल की और कामकाज से दूरी बनाए रखी।

हालांकि, मरीजों की देखभाल प्रभावित न हो, इसके लिए इमरजेंसी, महिला, पुरुष, नवजात शिशु और प्रसूति वार्ड में सीमित स्टाफ तैनात रखा गया।

प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारा अग्रवाल और सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह मौके पर पहुंचे और नर्सिंग स्टाफ से बातचीत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी बात चेयरपर्सन तक पहुंचाई जाएगी और उचित स्तर पर समाधान का प्रयास किया जाएगा।

नर्सिंग स्टाफ ने सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपते हुए चेयरपर्सन से सार्वजनिक माफी की मांग की। इस दौरान कुछ नर्सिंग कर्मियों ने भावुक होकर कहा कि इस टिप्पणी से उनके सम्मान और मनोबल को ठेस पहुंची है।

निरीक्षण के दौरान उठे थे सवाल

गौरतलब है कि एक दिन पहले राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन एलएनजेपी अस्पताल में उस मामले की जांच के लिए पहुंची थीं, जिसमें एक डॉक्टर पर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप लगे हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीड़िता से भी बातचीत की थी।

इसी दौरान नर्सिंग स्टाफ को लेकर की गई टिप्पणी और कार्रवाई की बात कहे जाने से असंतोष बढ़ गया। नर्सिंग अधिकारियों का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान उनके कार्य और भूमिका पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।

स्टाफ ने जताया विरोध

नर्सिंग कर्मियों का कहना है कि वे भारी कार्यभार के बीच मरीजों की देखभाल करती हैं और एक-एक नर्स कई मरीजों की जिम्मेदारी संभालती है। ऐसे में सार्वजनिक रूप से की गई टिप्पणी से उनका मनोबल प्रभावित हुआ है।

प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल परिसर के बाहर नारेबाजी भी की और मांग रखी कि चेयरपर्सन अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

नर्सिंग स्टाफ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन की स्थिति बन सकती है।