धर्मशाला नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने अनुभवी और प्रभावशाली चेहरों पर भरोसा जताते हुए अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी द्वारा जारी पहले चरण की सूची में आठ वार्डों के प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है, जिसमें चार पुराने और अनुभवी नेताओं को फिर से मैदान में उतारा गया है। वार्ड नंबर-4 से पूर्व मेयर नीनू शर्मा को टिकट देकर कांग्रेस ने अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा जताने का संकेत दिया है। इसके अलावा वार्ड नंबर-11 से पूर्व पार्षद अनुराग धीमान और वार्ड नंबर-12 से स्वर्णा देवी को भी दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है। इन नेताओं का नगर निगम प्रशासन में लंबा अनुभव और स्थानीय स्तर पर मजबूत जनाधार माना जाता है।
नए चेहरों को भी मिला मौका
कांग्रेस ने इस बार नए और महिला उम्मीदवारों को भी प्राथमिकता दी है। वार्ड-5 से शैलजा, वार्ड-6 से बबीता ओबेरॉय, वार्ड-10 से सुदेश, वार्ड-15 से रजनी और वार्ड-16 से बबीता शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा गया है। पार्टी का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ नए नेतृत्व को भी आगे लाना है।
प्रत्याशियों के चयन को लेकर सोमवार देर रात तक बैठकों का दौर चलता रहा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वयं सभी वार्डों का फीडबैक लिया और उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की। सबसे अधिक मंथन वार्ड नंबर-15 (खनियारा) को लेकर हुआ, जहां अंतिम नाम तय करने में समय लगा। कई नामों पर विचार के बाद अंततः रजनी के नाम पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री बाद में हमीरपुर रवाना हो गए, लेकिन उससे पहले उन्होंने धर्मशाला और पालमपुर नगर निगम चुनावों के लिए रणनीति को अंतिम रूप दिया।
अब सभी की नजरें शेष वार्डों और भाजपा की उम्मीदवार सूची पर टिकी हैं, जो जल्द जारी होने की संभावना है। इसी बीच सोलन नगर निगम के वार्ड नंबर-11 से हेमा शर्मा को कांग्रेस ने महिला प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा है।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
दूसरी ओर, कांग्रेस संगठन सर्जन अभियान के तहत गुप्तगंगा स्थित यात्री भवन में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन राज्यों के 80 जिला अध्यक्षों से संवाद करते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए कई सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर जाकर लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए और बूथ स्तर की राजनीति को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और मेहनती कार्यकर्ताओं को उचित पहचान देने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर मंत्री यादविंद्र गोमा और परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी की नीतियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और संगठन को और अधिक प्रभावी बनाएं।