हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि 51 नगर निकायों में मतदान 17 मई 2026 को कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के चार नगर निगमों सहित सभी नगर परिषदों और नगर पंचायतों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

चार नगर निगम समेत 51 निकायों में चुनाव

राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस बार सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगमों के साथ-साथ 25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों में चुनाव होंगे।

कुल मिलाकर 51 शहरी निकायों में मतदान प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इनमें पुरुष मतदाता 1,80,963 और महिला मतदाता 1,79,882 हैं। वहीं 18 वर्ष आयु वर्ग के 1,808 युवा पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाता सूची को “सारथी ऐप” के जरिए भी देखा जा सकता है।

नामांकन और मतदान की प्रक्रिया तय

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्र 29 अप्रैल, 30 अप्रैल और 2 मई (दोपहर 3 बजे तक) भरे जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 4 मई को सुबह 10 बजे से होगी।

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 6 मई (सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक) तय की गई है। उसी दिन चुनाव चिन्हों का आवंटन भी किया जाएगा। मतदान केंद्रों की सूची 29 अप्रैल को प्रकाशित होगी।

मतदान 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। नगर पंचायत और नगर परिषदों की मतगणना उसी दिन कराई जाएगी, जबकि नगर निगमों के परिणाम 31 मई को घोषित होंगे।

चुनाव खर्च की सीमा तय

निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों के लिए खर्च सीमा भी निर्धारित की है। नगर निगम प्रत्याशी अधिकतम 1 लाख रुपये, नगर परिषद प्रत्याशी 75 हजार रुपये और नगर पंचायत उम्मीदवार 50 हजार रुपये तक खर्च कर सकेंगे।

पंचायत चुनाव की घोषणा बाद में

पंचायतीराज संस्थाओं की वोटर लिस्ट 27 अप्रैल को अंतिम रूप लेगी, जिसके बाद उनके चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अलग से की जाएगी। फिलहाल केवल शहरी निकायों के चुनावों की प्रक्रिया शुरू की गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सख्ती

चुनाव प्रक्रिया को देखते हुए आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब डीसी, एसडीएम, बीडीओ और जिला पंचायत अधिकारी बिना अनुमति जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।