नई दिल्ली में आयोजित बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर संगठन को स्पष्ट दिशा दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अगले वर्ष उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले चुनावों की तैयारी अभी से तेज की जाए।

संगठन को मजबूत करने पर जोर

बैठक में संगठनात्मक और वित्तीय मजबूती को लेकर पहले दिए गए निर्देशों की समीक्षा की गई। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जहां प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, वहां आवश्यक स्तर पर बदलाव किए जाएंगे।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पार्टी के मिशन को जमीन स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ काम करें। उन्होंने दोहराया कि “कानून द्वारा कानून का राज” केवल बसपा की सरकार में ही संभव है, और यही सभी वर्गों के हित में है।

पहले की समीक्षा बैठकें और चुनाव रणनीति

मायावती ने 23 अप्रैल को दिल्ली में उत्तराखंड इकाई की समीक्षा बैठक भी की थी, जिसमें आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे। पार्टी को यूपी और पंजाब के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी रणनीति को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

दिल्ली की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी

बैठक के दौरान मायावती ने दिल्ली की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के बाद अब भाजपा सरकार से भी लोग अपेक्षित परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं।

उनका कहना था कि मौजूदा सरकारें जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही हैं, ऐसे में बसपा लोगों के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मेहनतकश वर्ग और आम जनता के बीच जाकर पार्टी का जनाधार बढ़ाएं।

जनता के मुद्दों पर फोकस

मायावती ने कहा कि विशेष रूप से मेहनतकश वर्ग को भ्रष्टाचार मुक्त और न्यायपूर्ण शासन की जरूरत है, जिसे मौजूदा व्यवस्थाएं पूरी तरह प्रदान नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में बसपा को जनता की “नई उम्मीद” के रूप में स्थापित करना पार्टी का लक्ष्य होना चाहिए।