शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर केंद्र सरकार के सहयोग के बावजूद जनता का ध्यान भटकाने और आर्थिक मामलों में असफलता का दोष केंद्र या पूर्व सरकारों पर डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वास्तविक मुद्दा यह नहीं कि केंद्रीय बजट में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का उल्लेख हुआ या नहीं, बल्कि असली प्रश्न यह है कि जब यह ग्रांट हिमाचल प्रदेश को मिल रही थी तब भी सरकार वित्तीय संकट का रोना क्यों रहीं।

'रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने की जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार पर'

ठाकुर ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद यदि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद हुई है, तो इसका जिम्मेदार वर्तमान कांग्रेस शासन है। उनका कहना था कि सरकार को प्रभावी वित्तीय प्रबंधन करना चाहिए और असफलताओं का दोष दूसरों पर डालना समाधान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने पेश किए गलत आंकड़े

नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा की हाल की कार्यवाही का हवाला देते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करना नियम और परंपरा है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को लेकर राजनीतिक बहस को भुनाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में कई आंकड़े गलत प्रस्तुत किए और जब विपक्ष ने सुधारने का प्रयास किया तो अनुमति नहीं दी गई, जिससे भाजपा विधायकों को सदन के वेल में विरोध स्वरूप जाना पड़ा।

राजनीति के बजाय समाधान पर ध्यान दें

ठाकुर ने कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाज़ी से आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इसके लिए ठोस नीतियों और वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता है। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार सच्चाई से इनकार करती रही और केवल राजनीतिक लाभ उठाती रही, तो यह प्रदेश हित के खिलाफ होगा।

वित्त आयोग के आंकड़े और केंद्र का सहयोग

ठाकुर ने यूपीए और वर्तमान मोदी नेतृत्व वाली सरकार के दौरान हिमाचल प्रदेश को मिले वित्तीय सहायता का तुलनात्मक आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि यूपीए शासन में लगभग ₹18,000 करोड़ का अनुदान मिला, जबकि 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत लगभग ₹89,254 करोड़ की सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र ने हमेशा हिमाचल प्रदेश का सहयोग किया है, लेकिन प्रदेश सरकार इसके लिए आभार व्यक्त करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने में लगी हुई है।

आंकड़ों पर जनता का भरोसा कैसे कायम हो?

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने एक दिन कहा कि राज्य ने ₹23,000 करोड़ ऋण लिया और ₹26,000 करोड़ चुकाया, जबकि अगले ही दिन इसे बदलकर ₹35,400 करोड़ ऋण और ₹27,043 करोड़ अदायगी बताया। उन्होंने कहा कि जनता के सामने तथ्य लगातार बदलने से भरोसा कैसे कायम होगा।

भाजपा हमेशा सहयोग के लिए तैयार

ठाकुर ने अंत में कहा कि भाजपा प्रदेश हित के लिए हमेशा सहयोग करने को तैयार है, लेकिन अगर आर्थिक स्थिति को गलत तरीके से पेश करके राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास किया गया, तो भाजपा तथ्यों और आंकड़ों के साथ जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विपक्ष से सहयोग चाहिए तो व्यवहार जिम्मेदार और लोकतांत्रिक होना चाहिए।