जम्मू-कश्मीर के राजोरी और पुंछ जिलों में सेना को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा बल किसी भी संभावित खतरे या दुश्मन की गतिविधि का तत्काल और प्रभावी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

‘राजोरी डे’ कार्यक्रम में सेना का संदेश

राजोरी में आयोजित ‘राजोरी डे’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी ने कहा कि सेना, प्रशासन और स्थानीय जनता के बीच मजबूत समन्वय के चलते क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पार से किसी भी तरह की संदिग्ध या असामाजिक गतिविधि को नाकाम करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

शहीदों को श्रद्धांजलि, वीरता को किया नमन

इस अवसर पर मेजर जनरल मुखर्जी ने 1947-48 में राजोरी की रक्षा और मुक्ति के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए जवानों और अधिकारियों के साहस को भी नमन किया।

स्थानीय सहयोग को बताया क्षेत्र की ताकत

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा में सेना के साथ स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सबसे बड़ी ताकत है। उनके अनुसार, जनता का सहयोग और देशभक्ति इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाती है।

जनकल्याण और विकास की नई पहल

सेना द्वारा राजोरी और पुंछ में कई जनकल्याणकारी परियोजनाएं भी शुरू की जा रही हैं। इनमें प्लास्टिक कचरे से इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने की पहल शामिल है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी।

इसके अलावा ‘डिजिटल भारत दर्शन’ कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को हर महीने वर्चुअल माध्यम से देश के प्रमुख शहरों की शैक्षणिक और सांस्कृतिक यात्रा कराई जाएगी, जिससे उनका ज्ञानवर्धन हो सके।