श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के गुरेज घाटी में नियंत्रण रेखा के नजदीक भारी बर्फबारी के बीच फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने में पुलिस और सीमा सड़क संगठन के जवानों ने अहम भूमिका निभाई। शुक्रवार रात करीब 30 वाहन बर्फ में फंस गए थे, जिनमें लगभग 190 लोग सवार थे। समय रहते चलाए गए बचाव अभियान में सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों में करीब 12 वाहन पर्यटकों के थे, जबकि बाकी में स्थानीय लोग सफर कर रहे थे। अचानक शुरू हुई बर्फबारी और बढ़ती ठंड के कारण राजधान दर्रे के आसपास सड़क पर फिसलन बढ़ गई, जिससे वाहनों की आवाजाही बेहद जोखिम भरी हो गई थी।

बताया गया कि शुक्रवार दोपहर बाद मौसम खराब होने के कारण राजधान दर्रा के पास करीब 30 वाहन फंस गए। यात्रियों ने पहले मौसम के सुधरने का इंतजार किया, लेकिन देर शाम तक हालात बेहतर नहीं हुए। कड़ाके की ठंड के चलते कुछ लोगों की तबीयत भी बिगड़ने लगी। इसी बीच एक चालक ने फोन के जरिए नजदीकी थाने को स्थिति की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही गुरेज पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। थाना प्रभारी नजीर अहमद के नेतृत्व में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। उनके साथ सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारी और कर्मचारी भी राहत कार्य में जुट गए।

काफी मशक्कत के बाद रात करीब नौ बजे तक सभी फंसे वाहनों को बर्फ से निकालकर सुरक्षित जगहों तक पहुंचा दिया गया। लंबे समय तक ठंड में रहने के कारण जिन लोगों की तबीयत खराब हुई, उन्हें नजदीकी बीआरओ शिविर में प्राथमिक चिकित्सा भी उपलब्ध कराई गई।

इधर, लगातार हो रही बर्फबारी के चलते शनिवार को गुरेज-बांदीपोरा सड़क को एहतियातन आम वाहनों के लिए बंद रखा गया है। अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा से बचने की अपील की है।