रांची: धान और चावल के बड़े कारोबार से जुड़े बाबा राइस मिल ग्रुप और लगभग 15 आढ़तियों के खिलाफ चल रही आयकर विभाग की जांच पांचवें दिन भी जारी रही। बिहार और झारखंड में फैले 42 ठिकानों पर एक साथ चल रही यह कार्रवाई अब अंतिम चरण में है और इसे देर रात या मंगलवार सुबह तक समाप्त किए जाने की संभावना है।

अब तक की छानबीन में आयकर विभाग को भारी मात्रा में अघोषित संपत्ति और नकदी मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान करीब 5 करोड़ रुपये नकद और लगभग 14 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा लगभग 25 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और करीब 40 करोड़ रुपये के धान व चावल के स्टॉक का कोई वैध लेखा-जोखा नहीं मिला है। बड़ी संख्या में खाता-बही और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

सौ करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का संदेह

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि बाबा राइस मिल समूह ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी की है। आयकर विभाग इस आधार पर आगे भारी जुर्माना या संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई भी कर सकता है।

जांच में यह भी सामने आया है कि ग्रुप कच्चे कागजों पर धान का करोड़ों रुपये का कारोबार कर रहा था और इसी के जरिए बेहिसाब संपत्ति बनाई गई। इसी सूचना के आधार पर रांची, जमशेदपुर, गया, औरंगाबाद और पटना में यह छापेमारी अभियान चलाया गया।

500 से ज्यादा अधिकारी लगे, हवाला लेन-देन भी सामने आया

पूरे ऑपरेशन में आयकर विभाग के 500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी जुटे रहे। जांच के दौरान हवाला के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन के सुराग भी मिले हैं, जिनकी अलग से पड़ताल की जा रही है।

योगेश साहू के घर से सवा करोड़ रुपये नकद

बाबा राइस मिल के मालिक योगेश साहू के रातू रोड स्थित आवास से करीब 1.25 करोड़ रुपये नकद मिले थे। इसके अलावा अन्य ठिकानों से भी 10 लाख से लेकर 75 लाख रुपये तक की नकदी बरामद की गई है। कच्चे कागजातों में दर्ज कारोबार की भी जांच की जा रही है।

इन जगहों पर चली कार्रवाई

आयकर विभाग की टीमें रांची के नगड़ी स्थित बाबा राइस मिल, हरमू स्थित कार्यालय, कांके रोड पर मनीष साहू का घर, रातू रोड पर योगेश साहू का आवास, जमशेदपुर में चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज चौधरी का घर, बिहार के गया और औरंगाबाद में कारोबारियों के घरों व गोदामों और सीता राइस मिल में भी जांच कर रही हैं।

इसके अलावा बाबा राइस मिल से जुड़ी कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों — एस मोहंती, राजकुमार लाखोटिया, संचिता जायसवाल, मनीष कुमार, राखी साहू, एकता साहू, अमित कुमार और ज्ञान प्रकाश साहू — के घरों और कार्यालयों में भी छानबीन की गई।