रांची। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और हवाई हमलों के बीच दुबई में फंसे झारखंड के 85 सीमेंट व्यापारियों की वापसी ने रांची में खुशी और राहत दोनों का माहौल पैदा कर दिया। गुरुवार को व्यापारी चरणबद्ध तरीके से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे और परिवारजन उन्हें गले लगाकर स्वागत करते दिखे।

दो चरणों में घर वापसी
गुरुवार को दोपहर में पहले 25 व्यापारी रांची पहुंचे, जबकि शाम करीब साढ़े पांच बजे बाकी 60 व्यापारी भी एयरपोर्ट पहुंचे। चार दिनों तक होटल में कैद रहने और हर कुछ घंटों में बमबारी की आवाज सुनने के बाद जैसे ही वे अपने शहर की जमीन पर उतरे, परिवारजन और मित्र भावनाओं से अभिभूत हो गए।

परिवारों की खुशी और राहत
सभी के चेहरे पर राहत और आंखों में सुकून साफ झलक रहा था। व्यापारी अजय कुमार की पत्नी पूजा कुमारी ने बताया, “आज असली मायने में हमारी होली होगी। पति घर लौट आए हैं और अब परिवार के साथ त्योहार मनाएंगे।” उनके बेटे दिव्यांश कुमार ने गुलदस्ता लेकर पिता का स्वागत किया।

जन्मदिन भी खास बना
थड़पखना निवासी व्यापारी राहुल वर्मा के परिवार के लिए यह दिन और भी खास था। उनके बेटे डुनडुन का जन्मदिन गुरुवार को ही था और पिता के सुरक्षित लौटने के बाद यह आठवां जन्मदिन यादगार बन गया।

दुबई में डर और अनिश्चितता
व्यापारी विनय कुमार केसरी ने बताया कि अबुधाबी एयरपोर्ट पर टिकट लेने के दौरान अचानक बमबारी शुरू हो गई थी। सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं और उन्हें होटल लौटना पड़ा। चार दिन तक होटल में कैद रहने के दौरान हर चार-पाँच घंटे में धमाके होते रहे, जिससे सभी भयभीत रहे।

फोन और टीवी ने बढ़ाया तनाव
व्यापारी बबलू रजक के बेटे अमर ने बताया कि बमबारी की खबरें सुनकर घर में डर का माहौल था। पिता ने बार-बार सुरक्षा की जानकारी दी, लेकिन हर फोन की घंटी और टीवी पर समाचार सुनते ही चिंता बढ़ जाती थी।

सुरक्षित लौटकर मिली राहत
जैसे ही व्यापारी एयरपोर्ट पर पहुंचे और परिवारजन उन्हें सामने से देखकर राहत की सांस ली, चार दिनों की भयावहता और चिंता जैसे खत्म हो गई। दुबई की दहशत के बाद अब सभी व्यापारियों और उनके परिवारों ने अपने घर और शहर में सुरक्षित लौटने की खुशी में त्योहार मनाने की तैयारी शुरू कर दी है।