राजधानी भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कई घंटों तक पूछताछ करने के बाद यह कार्रवाई की।

सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों से सीबीआई लगातार गिरिबाला सिंह से पूछताछ कर रही थी। गुरुवार सुबह दिल्ली से महिला अधिकारियों समेत विशेष टीम भोपाल पहुंची, जिसके बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। शाम के समय सीबीआई टीम उन्हें मेडिकल जांच के लिए भोपाल एम्स लेकर रवाना हुई।

हाईकोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद हुई। त्विषा शर्मा की 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी।

घटना के बाद गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे निचली अदालत से राहत मिल गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने विस्तृत आदेश जारी करते हुए उस जमानत को निरस्त कर दिया।

पूछताछ के दौरान समर्थ सिंह भी मौजूद

गुरुवार सुबह सीबीआई की टीम भारी सुरक्षा के बीच बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित निवास पर पहुंची। इस दौरान मामले के मुख्य आरोपी और त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को भी पूछताछ के लिए वहां लाया गया। दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। बाद में समर्थ सिंह को दूसरी टीम अपने साथ लेकर चली गई।

सूत्रों का कहना है कि दोपहर तक सीबीआई ने गिरफ्तारी का फैसला लगभग तय कर लिया था। इसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा मांगी गई और घर के आसपास बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

मेडिकल रिपोर्ट और बयानों में विरोधाभास

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के बयानों में कई विरोधाभास पाए गए। साथ ही एम्स भोपाल की मेडिकल रिपोर्ट में त्विषा शर्मा के शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद जांच एजेंसी ने मामले को और गंभीरता से लिया।

बताया जा रहा है कि मेडिकल जांच पूरी होने के बाद गिरिबाला सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां एजेंसी रिमांड की मांग कर सकती है।