पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्द के माहौल में मनाया गया। मेरठ, बागपत, सहारनपुर और शामली समेत तमाम इलाकों में ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की और देश में अमन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

मेरठ में ईद के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। रेलवे रोड चौराहे और शाही ईदगाह के आसपास पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। भारी पुलिस बल के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की गई। ईदगाह की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया, जिससे कई जगह लोगों को रोके जाने पर हल्की नाराजगी भी देखने को मिली।

शाही ईदगाह में तय समय से पहले ही क्षमता पूरी हो गई थी, जिसके बाद अतिरिक्त नमाजियों को आसपास के क्षेत्रों में रोकना पड़ा। शहरकाजी ने नमाज अदा कराई और तकरीर में कुर्बानी के असल मायने बताते हुए कहा कि यह त्याग, समर्पण और इंसानियत की भावना का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।

बागपत के रटौल कस्बे में भी ईद की नमाज के दौरान ईदगाह पूरी तरह भर गई, जिसके बाद प्रशासन ने अतिरिक्त भीड़ को रोक दिया। कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग के बावजूद लोग अंदर जाने की कोशिश करते दिखे, जिससे थोड़ी देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई, हालांकि पुलिस ने समझाकर हालात सामान्य कर दिए और नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई।

सहारनपुर में अंबाला रोड स्थित ईदगाह समेत जिलेभर में लोगों ने सुबह से ही नमाज अदा की। शहरकाजी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इंसान को अपने कर्मों की सुधार और अल्लाह से माफी की तरफ ध्यान देना चाहिए। जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे रहे।

शामली जिले में भी ईद-उल-अजहा का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जामा मस्जिद और अन्य ईदगाहों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा बलों की तैनाती की थी और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी गई। नमाज के बाद लोगों ने भाईचारे का संदेश देते हुए एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दीं।

पूरे पश्चिमी यूपी में त्योहार के दौरान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा और हर जिले में सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।