भोपाल: दतिया जिले की भांडेर सीट से कांग्रेस विधायक और दलित नेता फूल सिंह बरैया अपने विवादित बयान को लेकर फिर से सुर्खियों में हैं। महिलाओं और लड़कियों से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर दिए गए उनके कथन ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी गहरी नाराजगी पैदा की है।
बरैया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा कि “रास्ते में खूबसूरत लड़की दिखाई दे जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप जैसी घटनाएं हो सकती हैं।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समुदाय की महिलाओं के साथ भी दुष्कर्म होता है, भले ही इन समाजों में “खूबसूरत लड़कियां नहीं होतीं।”
इसके अलावा, बरैया ने यह भी कहा कि कुछ धार्मिक ग्रंथों में अनुसूचित जाति की महिलाओं के साथ सहवास को पुण्यदायक बताया गया है। उनका यह बयान न केवल अपराध को तर्कसंगत ठहराने वाला माना जा रहा है, बल्कि महिलाओं के प्रति अपमानजनक भी बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसी “गलत धारणा” के कारण शिशु और बालिकाओं तक के साथ दुष्कर्म की घटनाएं होती हैं।
कांग्रेस ने बयान से किनारा किया
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने बरैया के बयान से दूरी बनाई। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि रेप किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा, “अपराधी केवल अपराधी होता है, उसकी जाति या धर्म कोई मायने नहीं रखता।”
भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला
इधर, भाजपा ने बरैया के बयान के बाद कांग्रेस पर निशाना साधा। प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान मंच साझा करने से यह स्पष्ट होता है कि बरैया की मानसिकता अकेली नहीं, बल्कि कांग्रेस की भी सोच का प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की चुप्पी को महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता करार दिया और कहा कि नारी देवी है, राजनीतिक औजार नहीं।