सहारनपुर: अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ने लगा है। ईरान और इस्राइल के बीच जारी तनाव के चलते कुवैत में काम करने वाला एक युवक अपनी ही शादी में शामिल होने के लिए भारत नहीं पहुंच सका। इसके कारण शादी की सारी तैयारियां धरी रह गईं और दुल्हन मेहंदी लगाए इंतजार करती रह गई। आखिरकार परिवार को अंतिम समय में विवाह टालना पड़ा।

सहारनपुर के छुटमलपुर क्षेत्र के गांव मुसैल निवासी करणी सेना के ब्लॉक अध्यक्ष जबर सिंह की बेटी पारुल का रिश्ता अंबाला के बतौड़ गांव के रहने वाले राजीव राणा से तय हुआ था। राजीव कई वर्षों से कुवैत में नौकरी कर रहा है। पिछले वर्ष वह भारत आया था, उसी दौरान पारुल को देखने के बाद दोनों परिवारों ने विवाह तय किया और मार्च में शादी करने का फैसला किया गया।

शादी की तारीख नजदीक आने पर राजीव ने दो महीने की छुट्टी भी मंजूर करा ली थी, लेकिन 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के कारण उसे कुवैत से भारत आने के लिए फ्लाइट नहीं मिल सकी। उधर, दोनों परिवारों ने शादी की सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। निमंत्रण पत्र बांटे जा चुके थे और दुल्हन को दिए जाने वाले दहेज का सामान भी ससुराल पक्ष को भेज दिया गया था। घर में हलवाई का सामान भी पहुंच चुका था और पारुल की हल्दी की रस्म भी हो चुकी थी।

इसी बीच 8 मार्च को राजीव ने फोन कर परिवार को बताया कि मौजूदा हालात के कारण उसका भारत आना फिलहाल संभव नहीं है। यह खबर सुनते ही परिवार के सामने मुश्किल खड़ी हो गई और अंततः शादी को स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा।

पारुल के पिता जबर सिंह ने बताया कि उनकी रोजाना राजीव से बातचीत हो रही थी और उन्हें उम्मीद थी कि वह शादी से पहले किसी तरह पहुंच जाएगा, लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि उसका आना संभव नहीं है, तो मजबूरी में शादी टालनी पड़ी।