मुंबई। शिवसेना यूबीटी के नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि बीएमसी चुनाव में मराठी मतदाताओं का भारी समर्थन ही भाजपा को मुंबई के लिए एक मराठी मेयर नामांकित करने के लिए मजबूर कर गया।

राउत ने कहा कि भाजपा की मेयर उम्मीदवार रितु तावड़े मूल रूप से कांग्रेस से हैं और भाजपा के पास अपना कोई स्थायी उम्मीदवार नहीं था। उन्होंने कहा, "मराठी लोगों ने शिवसेना यूबीटी और मनसे को भारी वोट दिए, यही वजह है कि भाजपा को मुंबई में मराठी मेयर चुनना पड़ा।"

उन्होंने संघ के शताब्दी समारोह में फिल्म अभिनेता सलमान खान के शामिल होने पर भी सवाल उठाया। राउत ने पत्रकारों से कहा, "क्या यह केवल सलमान खान का स्वागत था या संघ और उसकी शाखाओं में मुसलमानों का स्वागत भी है?" उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू-मुस्लिम नफरत फैलाने वाले प्रोपेगेंडा में संघ भी शामिल है और मोहन भागवत को इस बारे में स्पष्ट होना चाहिए था।

इस बीच, शिवसेना यूबीटी ने इस चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारने का निर्णय लिया, जिससे मुकाबला लगभग निर्विरोध हो गया। तावड़े के मुंबई की मेयर बनने की संभावना बढ़ गई है और वह बीते चार दशकों में भाजपा की पहली मेयर बनेंगी।

मुंबई मेयर चुनाव 11 फरवरी को होने हैं। शिवसेना ने बीते महीने बीएमसी चुनाव में मराठी पहचान को प्रमुख मुद्दा बनाया था और मनसे के साथ गठबंधन किया था। 227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीती। विपक्षी खेमे में शिवसेना (यूबीटी) ने 65, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 6 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 1 सीट हासिल की।