दिल्ली की साकेत अदालत ने शुक्रवार को लॉरेंस बिश्नोई, हरेन सरपदादिया और आशीष शर्मा को एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने निर्णय में कहा कि आरोपियों के खिलाफ केवल बयानों के आधार पर कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका।

यह मामला अप्रैल 2023 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने वकील को धमकी देकर रंगदारी की मांग की और फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में लंबी जांच के बाद तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

अदालत ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि सबूतों की कमी के कारण किसी भी आरोप को साबित करना संभव नहीं था, इसलिए सभी आरोपियों को बरी किया गया।