महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि अशोक खरात से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) लीक मामले की पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी इस तरह के कॉल रिकॉर्ड हासिल करने का स्वतः अधिकार नहीं है और केवल अधिकृत एजेंसियों को ही इसकी पहुंच हो सकती है।
यह बयान तब आया है जब सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्हें अशोक खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच कथित फोन वार्ता के सीडीआर का व्हाट्सएप पर लीक हुआ संस्करण मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह जांच करेगी कि डाटा कैसे लीक हुआ और किसने इसे लीक किया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में केवल आरोप पर्याप्त नहीं होते; ठोस सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
खरात की संपत्तियों की जांच ईडी करेगी
फडणवीस ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) खरात की संपत्तियों की जांच करेगी। खरात को 18 मार्च को तीन साल पहले एक महिला से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच में उसके अन्य अपराध भी सामने आए हैं, जिनमें यौन शोषण और जमीन-संपत्ति से जुड़े वित्तीय गड़बड़ी के मामले शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है और अब तक उसके सभी खातों और लेन-देन की जानकारी हासिल हो चुकी है। इससे उसकी अवैध संपत्तियों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों का खुलासा होगा।
एसआईटी जांच पर संतोष
मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्यप्रणाली पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि अब अधिक लोग आगे आकर जानकारी दे रहे हैं और लगभग 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे एसआईटी पर भरोसा रखें, क्योंकि यह पूरी तरह से मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए काम कर रही है।
फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह विषय राजनीति से ऊपर है और कुछ लोग इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार ऐसे प्रयासों को महत्व नहीं देगी।