महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट का उद्देश्य राज्य को आने वाले वर्षों में 'वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' में बदलने का है। बजट में कृषि, बुनियादी ढांचा, उद्योग और हरित ऊर्जा में बड़े निवेश की रूपरेखा शामिल है।
बजट का आकार और वित्तीय अनुमान
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने कुल ₹7.69 लाख करोड़ के व्यय का अनुमान लगाया है। राजस्व प्राप्तियों को ₹6.16 लाख करोड़ और राजस्व व्यय को ₹6.56 लाख करोड़ आंका गया है। इस बजट का मुख्य मकसद राज्य की आर्थिक वृद्धि को तेज करना और निवेश आकर्षित करना है।
किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए बड़े फैसले
किसानों के लिए कर्जमाफी योजना का ऐलान किया गया है। जिन किसानों के फसल ऋण बकाया हैं, उन्हें ₹2 लाख तक की राहत मिलेगी, जबकि नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 का प्रोत्साहन मिलेगा।
आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए चार कृषि विश्वविद्यालयों में AI इनोवेशन और ऊष्मायन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पांच लाख हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और 10-15 प्रमुख फसलों के लिए कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जाएगा।
रोजगार, MSME और उद्योगों को बढ़ावा
बजट में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया है।
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18 मेगा औद्योगिक हब बनाए जाएंगे।
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हर जिले में MSME केंद्र स्थापित होंगे, जिससे 50 लाख तक नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
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विदर्भ में गढ़चिरौली में बड़े स्टील हब के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है।
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स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में 1.25 लाख उद्यमियों को तैयार और 50,000 स्टार्टअप्स को समर्थन दिया जाएगा।
बुनियादी ढांचा, रियल एस्टेट और स्वास्थ्य
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मुंबई और पुणे में मेट्रो रेल परियोजनाओं की घोषणा की गई, और पूरे राज्य में मेट्रो नेटवर्क को 1,200 किलोमीटर तक बढ़ाने की योजना है।
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रियल एस्टेट सेक्टर में मुंबई में 20 लाख झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास और 10 लाख किफायती घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में ₹4,500 करोड़ का ग्रामीण रोग पहचान कार्यक्रम शुरू होगा, जो कैंसर, मधुमेह और हृदय रोगों पर केंद्रित रहेगा।
महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा
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'मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन' योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त महिला उद्यमियों को तैयार करने और 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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हरित ऊर्जा के क्षेत्र में, महाराष्ट्र ने 2029 तक 50% और 2035 तक 65% हरित ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इसे रूफटॉप सोलर और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के माध्यम से हासिल किया जाएगा।
समग्र दृष्टिकोण
महाराष्ट्र का बजट 2026-27 विकास, लोक कल्याण और पूंजीगत व्यय का संतुलित मिश्रण है। बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, उद्योगिक हब निर्माण और कृषि में तकनीकी एकीकरण राज्य को 'वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर करेगा।