नागपुर में कथित आत्महत्या से जान गंवाने वाली 18 वर्षीय नीट अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी के मामले में नया खुलासा सामने आया है। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली इस छात्रा का एक हाथ से लिखा पत्र उसके परिजनों को घटना के कई दिन बाद उसकी किताबों के बीच मिला, जिसे बाद में पुलिस को सौंप दिया गया।

इस पत्र में आकांक्षा ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा है कि वह दोबारा मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने का साहस नहीं जुटा पा रही थी। उसने यह भी कहा कि पहले प्रयास में अच्छे अंक की उम्मीद थी, लेकिन दोबारा परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की कोई गारंटी नहीं लग रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई थी।

परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़ा तनाव

आकांक्षा ने 3 मई को नीट-यूजी परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद वह आत्मविश्वास से भरी हुई थी और अच्छे परिणाम की उम्मीद कर रही थी। लेकिन परीक्षा से जुड़े पेपर लीक के आरोपों के बाद दोबारा परीक्षा की घोषणा ने उसकी चिंता बढ़ा दी।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को कथित पेपर लीक के कारण 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया था और 21 जून को पुनः परीक्षा कराने की घोषणा की थी। इस फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थियों के साथ आकांक्षा भी मानसिक दबाव में आ गई थी।

घटना के दिन क्या हुआ था

परिजनों के अनुसार, 20 मई को नागपुर स्थित अपने कमरे में आकांक्षा फंदे से लटकी मिली थी। उस दिन दोपहर में उसने परिजनों से कहा था कि उसे भूख नहीं है और वह बाद में खाना खाएगी। इसके कुछ घंटे बाद यह घटना सामने आई।

घटना के समय कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था। बाद में जब परिवार उसके पढ़ाई के सामान को व्यवस्थित कर रहा था, तब यह हाथ से लिखा पत्र मिला।

पिता ने बताई आर्थिक स्थिति

आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी एक छोटे किसान हैं और परिवार की आजीविका के लिए नागपुर में रसोइए का काम भी करते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा के बाद उनकी बेटी काफी उत्साहित थी और उसे 650 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी।

पुलिस जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद पत्र को जांच में शामिल कर लिया गया है और परिवार के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि किन परिस्थितियों में छात्रा मानसिक दबाव में आई और किन कारणों से यह कदम उठाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि पत्र में दर्ज बातों की विस्तृत जांच की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।