रुद्रप्रयाग/चमोली। नगरासू प्रकरण को लेकर निहंगों पर कार्रवाई न होने के विरोध में क्षेत्र में माहौल गरमा गया है। रुद्रप्रयाग के गुलाबराय मैदान में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। इस आंदोलन में पौड़ी, रुद्रप्रयाग और कर्णप्रयाग से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

इसी बीच चमोली जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में भी कर्णप्रयाग निहंग घटना की जांच चमोली पुलिस से कराने की मांग उठी। मामले को लेकर अलग-अलग स्तर पर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।

16 जून की घटना के बाद से जांच जारी

गौरतलब है कि 16 जून को निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद में दो स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन निहंगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि एक अन्य निहंग बेस अस्पताल श्रीनगर में पुलिस निगरानी में उपचाराधीन है।

मामले में सिख समुदाय ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया था, जिसके बाद क्रॉस एफआईआर भी दर्ज की गई। अब पूरे प्रकरण और पुलिस कार्रवाई की जांच हरिद्वार पुलिस को सौंपी गई है।

डीआईजी की मौजूदगी में सौंपा गया ज्ञापन

जांच के सिलसिले में पहुंचे डीआईजी यशवंत सिंह को व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें जांच को हरिद्वार स्थानांतरित करने के फैसले को वापस लेने, घायलों के उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने और चारधाम यात्रा के दौरान हथियारों पर प्रतिबंध लगाने जैसी मांगें शामिल हैं।

पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, अरविंद चौहान, व्यापार संघ अपर बाजार के अध्यक्ष अनिल खंडूडी, महामंत्री आदित्य नवानी, मुख्य बाजार व्यापार संघ के महामंत्री कांति पुजारी, पूर्व प्रधान हरीश चौहान और अधिवक्ता राजेंद्र सिंह नेगी सहित कई लोगों ने इस मामले पर जल्द निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

व्यापार संघ ने उठाई सुरक्षा बढ़ाने की मांग

वहीं व्यापार संघ ने भी पुलिस चौकी प्रभारी मानवेंद्र सिंह गुसाईं को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू जैसे विवादों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।