अमेजन ने भारत में अपने निवेश को लेकर बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि वह वर्ष 2026 से 2030 के बीच देश में 48 अरब डॉलर का नया निवेश करेगी। यह घोषणा अमेजन के सीईओ एंडी जेसी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद की गई।
एंडी जेसी ने बताया कि कंपनी 2010 से अब तक भारत में लगभग 40 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले 2026-2030 के लिए 35 अरब डॉलर निवेश की योजना थी, जिसे अब बढ़ाकर 48 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह निवेश भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से किया जाएगा।
इस नई घोषणा के साथ ही 2010 से 2030 के बीच भारत में अमेजन की कुल वित्तीय प्रतिबद्धता 88 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगी। कंपनी का यह निवेश मुख्य रूप से ई-कॉमर्स नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, क्विक कॉमर्स और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर केंद्रित रहेगा।
क्लाउड और एआई पर खास फोकस
कंपनी ने बताया कि इस निवेश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मजबूत करने में लगाया जाएगा। करीब 13 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश AWS (Amazon Web Services) की क्षमता बढ़ाने के लिए होगा, जिससे कुल क्लाउड निवेश 21 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा। यह विस्तार मुंबई और हैदराबाद में डेटा सेंटर सुविधाओं को भी मजबूत करेगा।
अमेजन का कहना है कि भारत तेजी से वैश्विक स्तर पर क्लाउड और एआई हब के रूप में उभर रहा है, जहां इन तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
कंपनी के अनुसार, इस निवेश से रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अमेजन का लक्ष्य 2024 में समर्थित करीब 28 लाख नौकरियों को 2030 तक बढ़ाकर लगभग 38 लाख करना है।
इसके अलावा, कंपनी 2030 तक 80 अरब डॉलर के संचयी ई-कॉमर्स निर्यात को सक्षम बनाने की दिशा में काम करेगी। साथ ही, 1.5 करोड़ छोटे कारोबारियों को एआई आधारित समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे और लगभग 40 लाख सरकारी स्कूलों के छात्रों को एआई शिक्षा से जोड़ने की योजना भी है।
कुल मिलाकर, यह निवेश भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, रोजगार और तकनीकी ढांचे को नई गति देने वाला माना जा रहा है।