मुंबई। बीएमसी चुनाव के नतीजों के बाद मुंबई की सियासत में फिर हलचल बढ़ गई है। स्पष्ट बहुमत के साथ उभरी महायुति अब नगर निगम में सत्ता की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने की ओर बढ़ रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की और संदेश दिया कि मुंबई का विकास प्राथमिकता में रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीएमसी का मेयर महायुति गठबंधन से ही चुना जाएगा।

शिंदे ने दी जीत की बधाई और काम का संदेश
बैठक के दौरान शिंदे ने सभी नए पार्षदों को उनकी जीत के लिए बधाई दी और कहा कि जनता ने विकास को चुना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई में विकास विरोधी राजनीति को जनता ने खारिज कर दिया है। शिंदे के अनुसार, महाराष्ट्र में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है और शिवसेना दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

पार्षदों को मिला विकास एजेंडा
शिंदे ने निर्देश दिए कि हर वार्ड में स्वच्छता और पानी की समस्या को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि वार्ड स्तर पर योजना बनाकर काम किया जाएगा और राज्य सरकार भी इसमें सहयोग करेगी, ताकि जनता को सीधे लाभ मिले। उन्होंने यह भी बताया कि ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, उल्हासनगर और मुंबई में महायुति गठबंधन के उम्मीदवार ही मेयर पद पर होंगे।

वार्ड स्तर पर काम पर जोर
शिंदे ने कॉर्पोरेटरों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में समग्र विकास, पानी की आपूर्ति और स्वच्छता पर ध्यान दें। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने महायुति पर भरोसा जताया है, जिसे पार्षदों के काम के जरिए बनाए रखना होगा। शिंदे ने इसे शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा की जीत भी बताया।

मेयर पद पर चर्चा और रणनीति
बीएमसी में महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला है और गठबंधन में सहमति बनी है कि मेयर महायुति का ही होगा। फिलहाल अंतिम फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की वापसी के बाद एकनाथ शिंदे और फडणवीस की रणनीतिक बैठक में लिया जाएगा।

होटल राजनीति के आरोपों का जवाब
उदय सामंत ने किसी भी तरह की ‘होटल राजनीति’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बैठक केवल मार्गदर्शन और संवाद के लिए थी। उनका कहना था कि नए कॉर्पोरेटरों को नगर निगम के कामकाज को समझना जरूरी है, इसलिए नेतृत्व उनसे सीधे चर्चा कर रहा है।