मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट के छह लोकसभा सांसदों ने पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का समर्थन किया है।
रघुवंशी के मुताबिक, “महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत यह बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। छह सांसदों ने शिंदे पर भरोसा जताते हुए हमारे साथ आने का निर्णय लिया है। हम उनका स्वागत करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता जनता के लिए काम करना चाहते हैं, उनके लिए शिंदे-बीजेपी गठबंधन सबसे उपयुक्त मंच है।
सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना (UBT) के भीतर असंतोष की चर्चा सामने आई हो। पहले भी नौ सांसदों में से कई के शिंदे गुट के संपर्क में होने की अटकलें लगती रही हैं। अगर यह राजनीतिक बदलाव आगे बढ़ता है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में 2022 जैसे हालात दोबारा बन सकते हैं, जब शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी उद्धव गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि संजय राउत की बयानबाजी से पार्टी को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सांसदों से जुड़ा मामला अब लोकसभा स्पीकर के पास विचाराधीन है और आगे का निर्णय वहीं से होगा।
शिवसेना के स्थापना दिवस को लेकर भी सियासी बयानबाजी तेज है। जाधव ने संकेत दिया कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को मानने वाले कार्यकर्ता ही इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिससे साफ है कि वे शिंदे गुट को ही असली शिवसेना के रूप में देखते हैं।